प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरमान में चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की तत्परता, सतत निगरानी और समन्वित प्रयासों से एक हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का सुरक्षित प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद प्रसूता एवं नवजात दोनों की स्थिति सामान्य रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रसव पीड़ा के साथ एक महिला बरमान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। जांच के दौरान भ्रूण की हृदय गति कम पाई गई। साथ ही महिला में सीपीडी की स्थिति भी सामने आई। दोनों परिस्थितियों को देखते हुए प्रकरण को हाई रिस्क मानते हुए चिकित्सकीय टीम ने तत्काल आवश्यक प्रबंधन शुरू किया।
टीम ने सीएमएचओ डॉ. मनीष कुमार मिश्रा से संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त किया तथा प्रसव के दौरान मां और भ्रूण की लगातार निगरानी की। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर लगातार समन्वय बनाए रखा गया और 108 एम्बुलेंस को भी स्टैंडबाय मोड पर रखा गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेफर एवं परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
चिकित्सकीय टीम की सतत निगरानी, समय पर लिए गए निर्णय एवं आपसी समन्वय से महिला का सुरक्षित सामान्य प्रसव कराया गया। प्रसव के पश्चात प्रसूता एवं नवजात दोनों की स्थिति सामान्य रही और दोनों स्वस्थ हैं। इस सफल प्रकरण में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपिका सोलंकी, नर्सिंग ऑफिसर अनामिका श्रीवास्तव, नर्सिंग ऑफिसर अंजली तिवारी एवं सफाईकर्मी वाल्मिक बाई का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं में गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, प्रसव पूर्व जांच, हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान, आवश्यक चिकित्सकीय प्रबंधन एवं सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में बरमान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भी सजगता और तत्परता से कार्य करते हुए सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया।
इस प्रकरण में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. विनय ठाकुर एवं अस्पताल प्रभारी डॉ. तारेश सुदेले का भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों, हाई रिस्क गर्भावस्था की समय रहते पहचान हो तथा आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।




