वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 के वैश्विक मंच पर अलग-अलग तरह के वोकेशनल और टेक्निकल स्किल्स में भारतीय महिलाओं की बढ़ती हुई भागीदारी दिखाई दे रही है। वर्ल्डस्किल्स में 14 युवा महिलाएँ कई तरह की स्किल कैटेगरी में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
ये महिला प्रतियोगी भारत के उस 70-सदस्यीय दल का हिस्सा हैं जो 22 से 27 सितंबर 2026 तक शंघाई में आयोजित हो रही 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में 63 अलग-अलग स्किल्स में हिस्सा ले रहा है।
खास बातें
- इसकी विशेष बात यह है कि महिला प्रतियोगी टेक्निकल, स्पेशलाइज्ड, क्रिएटिव और सर्विस-ओरिएंटेड स्किल्स के विविध क्षेत्रों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
- वर्ल्डस्किल्स प्रतिभागियों को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप अपनी क्षमताओं को परखने और दुनिया भर के कुछ बेहतरीन युवा स्किल्ड प्रोफेशनल्स के साथ सीखने का अवसर देता है।
इसकी विशेष बात यह है कि महिला प्रतियोगी टेक्निकल, स्पेशलाइज्ड, क्रिएटिव और सर्विस-ओरिएंटेड स्किल्स के विविध क्षेत्रों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इनमें केमिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग, विजुअल मर्चेंडाइजिंग, फैशन टेक्नोलॉजी, रिटेल सेल्स और हेल्थ एंड सोशल केयर के साथ-साथ होटल रिसेप्शन, रेस्तरां सर्विस, कुकिंग, पेंटिंग और डेकोरेटिंग, हेयरड्रेसिंग, ब्यूटी थेरेपी, बेकरी और पैटिसरी और कन्फेक्शनरी शामिल हैं।
इस भागीदारी का दायरा युवा महिलाओं के लिए उपलब्ध काम के बढ़ते विकल्पों और ट्रेडिशनल करियर पाथवे से कहीं आगे तक फैली स्किल्स में उनकी बढ़ती मौजूदगी को दिखाता है।
वर्ल्डस्किल्स इंडिया की ऑफिशियल डेलीगेट और कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की सीनियर इकोनॉमिक एडवाइजर सुश्री मनीषा सेनशर्मा ने कहा, "वर्ल्डस्किल्स शंघाई में इन युवा महिलाओं की भागीदारी भारत के स्किलिंग क्षेत्र में एक उत्साहजनक बदलाव को दर्शाती है।
इसकी विशेष बात यह है कि महिला प्रतिभागी केमिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और विज़ुअल मर्चेंडाइजिंग से लेकर हॉस्पिटैलिटी, ब्यूटी और स्पेशल क्राफ्ट्स में अलग-अलग तरह के स्किल्स में मुकाबला कर रही हैं जो ट्रेड्स की विविधता को दर्शाती हैं। यह एक सरल लेकिन सशक्त संदेश को पुष्ट करता है कि कौशल का कोई लिंग नहीं होता।
हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि युवा महिलाओं को अपनी काबिलियत और इच्छाओं के आधार पर करियर चुनने और सबसे ऊँचे ग्लोबल स्टैंडर्ड्स पर मुकाबला करने का अवसर, ट्रेनिंग और आत्मविश्वास मिले।"
भाग लेने वालों में, केमिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में संपदा देसाई; लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग में मेहरुन्निसा बेगम; विज़ुअल मर्चेंडाइजिंग में अनुजा अजय वारे; फैशन टेक्नोलॉजी में विधि नीरवकुमार सुथार; रिटेल सेल्स में सानिया जोशी; हेल्थ और सोशल केयर में विष्णुप्रिया सुनील; होटल रिसेप्शन में रशमीत कौर हंसपाल; रेस्टोरेंट सर्विस में झांसीरानी राउत; कुकिंग में तनुश्री मपेश; पेंटिंग और डेकोरेटिंग में मुस्कान; हेयरड्रेसिंग में जुई संतोष सपके; ब्यूटी थेरेपी में टी. साबिर सुतार; बेकरी में स्मृति नाम्बियार; और पेस्ट्री और कन्फेक्शनरी में कृष्णंजलि साहू शामिल हैं।
महिलाओं की भागीदारी भारत के स्किलिंग इकोसिस्टम के बढ़ते दायरे को दर्शाती है, जिसमें युवा महिलाएं टेक्निकल, क्रिएटिव, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी और सर्विस सेक्टर जैसे सेक्टर्स में करियर की संभावनाएं तलाश रही हैं।
वर्ल्डस्किल्स प्रतिभागियों को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप अपनी क्षमताओं को परखने और दुनिया भर के कुछ बेहतरीन युवा स्किल्ड प्रोफेशनल्स के साथ सीखने का अवसर देता है। टीम इंडिया की महिला खिलाड़ियों ने ग्लोबल कॉम्पिटिशन से पहले ज़बरदस्त तैयारी और ट्रेनिंग की है, जिससे उनकी टेक्निकल क्षमताएं और कड़े इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के तहत बेहतर प्रदर्शन करने की काबिलियत और बेहतर हुई है।
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय वोकेशनल एजुकेशन, अप्रेंटिसशिप और इंडस्ट्री से जुड़ी ट्रेनिंग में महिलाओं की ज़्यादा भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है, साथ ही काम-काज के ज़्यादा विकल्प और सतत आजीविका के पाथवे बनाने में भी मदद कर रहा है।
शंघाई में जैसे-जैसे प्रतियोगिताएं आगे बढ़ रही हैं, ये युवा महिलाएं एक ऐसी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रही हैं जो स्किल्स, टेक्नोलॉजी, क्राफ्ट्समैनशिप और प्रोफेशनल एक्सीलेंस के ज़रिए करियर बनाने को लेकर आत्मविश्वास से भरी हुई है।


