मध्य प्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए नए अवसर उपलब्ध करा रहा है। जिले के विकासखंड अनूपपुर अंतर्गत ग्राम सकोला की श्रीमती रूकमणि साहू, पति श्री विक्रमादित्य साहू, इसका एक उदाहरण हैं। एक समय परिवार की सीमित आय के कारण रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना चुनौतीपूर्ण था। आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद उन्होंने सिलाई का काम शुरू किया और धीरे-धीरे खेती, डेयरी तथा कृषि यंत्रों को भी अपनी आजीविका से जोड़ा। आज उनकी व्यक्तिगत मासिक आय 16,500 रुपए और पारिवारिक मासिक आय 29,700 रुपए तक पहुंच गई है।

वर्ष 2014 में आजीविका मिशन के माध्यम से ग्राम सभा और बैठकों में मिली जानकारी के बाद रूकमणि साहू ‘खुशबू आजीविका स्व-सहायता समूह’ से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने अपनी स्थिति के अनुसार छोटे स्तर से काम शुरू किया। समूह के RF से 5,000 रुपए तथा CIF से 80,000 रुपए का ऋण लेकर उन्होंने सिलाई का काम शुरू किया। सिलाई से आमदनी होने लगी तो उन्होंने खेती को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

खेती के लिए उन्होंने CCL के माध्यम से 50,000 रुपए का ऋण लेकर पावर टीलर और रिपर खरीदा। इसके बाद 1.50 लाख रुपए का ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा। कृषि यंत्रों की मदद से खेती के काम में सुविधा हुई और समय तथा श्रम की बचत होने लगी। ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्रों के माध्यम से उन्हें अतिरिक्त आय का साधन भी मिला।

वर्तमान में रूकमणि साहू और उनके पति लगभग 6.5 एकड़ भूमि पर धान और सब्जी की खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही सिलाई का काम, डेयरी तथा ट्रैक्टर-रिपर से जुड़ी गतिविधियां भी संचालित कर रहे हैं। उनके पास 6-7 गौवंश हैं, जिनसे प्राप्त दूध से डेयरी की गतिविधि चल रही है। अलग-अलग कामों से होने वाली आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को पहले से बेहतर किया है। वर्तमान में उनकी व्यक्तिगत मासिक आय 16,500 रुपए तथा पारिवारिक मासिक आय 29,700 रुपए है। परिवार की वार्षिक आय लगभग 3,56,400 रुपए तक पहुंच गई है।

आजीविका के साथ रूकमणि सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय हैं। वर्ष 2016 से वे एकता संकुल संगठन, जमुना में लेखापाल (CA) एवं CRP के रूप में कार्य कर रही हैं। वे ग्राम सभा की बैठकों में भाग लेने के साथ ग्रामीणों को स्वच्छता और शौचालय निर्माण के प्रति जागरूक करने में भी सहयोग करती हैं। उन्हें मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ भी मिल रहा है।

रूकमणि साहू कहती हैं, “आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद मुझे अपने काम को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। पहले परिवार की आय सीमित थी, लेकिन धीरे-धीरे मैंने सिलाई के साथ खेती, डेयरी और कृषि यंत्रों से जुड़े काम शुरू किए। आज इन सभी कामों से परिवार की आमदनी बढ़ी है और घर की जरूरतें पूरी करने में पहले से आसानी होती है।”

रूकमणि साहू ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने वाली योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति भी आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आजीविका से जुड़कर उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिला।