मध्यप्रदेश शासन द्वारा युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (एमएमएसकेवाई) संचालित की जा रही है। योजना के तहत युवाओं को औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण के साथ स्टाइपेंड भी दिया जाता है। योजना में 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी युवा, जिनकी शैक्षणिक योग्यता 12वीं, आईटीआई या उससे अधिक है, पात्र हैं।

आवेदन ऑनलाइन पोर्टल mmsky.mp.gov.in के माध्यम से किया जा सकता है। प्रशिक्षण की अवधि पाठ्यक्रम के अनुसार 6 से 12 माह तक होती है तथा प्रशिक्षण पूर्ण होने पर एससीवीटी प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है। शैक्षणिक योग्यता के आधार पर 12वीं उत्तीर्ण युवाओं को 08 हजार रुपए, आईटीआई उत्तीर्ण को 08 हजार 500 रुपए, डिप्लोमा को 09 हजार रुपए तथा डिग्री अथवा उच्चतर योग्यता वालों को 10 हजार रुपए मासिक स्टाइपेंड दिया जाता है।

इसका 75 प्रतिशत मध्यप्रदेश शासन और 25 प्रतिशत राशि संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा वहन की जाती है तथा भुगतान डीबीटी के माध्यम से होता है।

योजना में विनिर्माण, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, सिविल, प्रबंधन, सेवा, पर्यटन, हॉस्पिटल, रेलवे, आईटी एवं सॉफ्टवेयर सहित 46 सेक्टरों में 1134 पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। उद्योगों के लिए भी यह योजना लाभकारी है, क्योंकि शासन द्वारा स्टाइपेंड का 75 प्रतिशत वहन किए जाने से प्रतिष्ठानों पर आर्थिक भार कम होता है। प्राचार्य शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) बालाघाट ने जिले के युवाओं एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों से योजना से जुड़कर कौशल विकास, रोजगार एवं कुशल मानव संसाधन निर्माण में सहभागी बनने की अपील की है।