जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विभागों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थाओं तथा निजी प्रतिष्ठानों में कार्यरत आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा में वेतन का भुगतान करना अनिवार्य है। श्रम विभाग ने सभी नियोजकों को श्रम कानूनों के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सहायक श्रम पदाधिकारी श्री राकेश ठाकरे ने बताया कि वेतन भुगतान अधिनियम, 1936 की धारा 5 के अनुसार 1000 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों में अगले माह की 7 तारीख तक तथा 1000 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में अगले माह की 10 तारीख से पहले वेतन का भुगतान किया जाना आवश्यक है।

नियमों का उल्लंघन मिलने पर संस्थान और ठेकेदार पर होगी कार्रवाई

श्रम विभाग के अनुसार आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों को श्रम कानूनों के तहत देय सभी लाभ उपलब्ध कराना संबंधित नियोजक की जिम्मेदारी है। साथ ही संबंधित विभाग एवं नियोजक द्वारा ठेकेदार का पंजीयन कराया जाना भी अनिवार्य है। विभाग ने सभी संस्थानों और नियोजकों को निर्धारित प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान किसी संस्थान या ठेकेदार द्वारा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।