प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने छोटे व्यवसायियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दतिया के रहने वाले 44 वर्षीय श्री राधेलाल साहू भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपने व्यवसाय को विस्तार देने और परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सफल हुए हैं। राधेलाल साहू पिछले करीब 8 वर्षों से देहात थाना क्षेत्र के पास छोटे स्तर पर चाट का ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
कोविड-19 महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन के कारण उनका व्यवसाय पूरी तरह बंद हो गया था। इससे उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया। इसी दौरान उन्हें नगर पालिका परिषद दतिया के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के अंतर्गत पथ विक्रेता के रूप में पंजीयन कराया और ऋण के लिए आवेदन किया।
खास बातें
- आवेदन के आधार पर इंडियन ओवरसीज बैंक, दतिया द्वारा 5 सितंबर 2020 को उनका ऋण स्वीकृत किया गया तथा 7 सितंबर 2020 को उन्हें 10 हजार रुपये की कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई गई।
- राधेलाल साहू ने प्राप्त ऋण की राशि समय पर चुकाई, जिसके बाद उन्हें योजना के द्वितीय चरण में 20 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ।
- इसका भी नियमित रूप से भुगतान करने के बाद उन्हें तृतीय चरण में 50 हजार रुपये का ऋण मिला।
आवेदन के आधार पर इंडियन ओवरसीज बैंक, दतिया द्वारा 5 सितंबर 2020 को उनका ऋण स्वीकृत किया गया तथा 7 सितंबर 2020 को उन्हें 10 हजार रुपये की कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई गई। इस राशि से उन्होंने अपना व्यवसाय दोबारा शुरू किया। राधेलाल साहू ने प्राप्त ऋण की राशि समय पर चुकाई, जिसके बाद उन्हें योजना के द्वितीय चरण में 20 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ।
इसका भी नियमित रूप से भुगतान करने के बाद उन्हें तृतीय चरण में 50 हजार रुपये का ऋण मिला। इस राशि का उपयोग कर उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। जहां पहले उनके पास केवल एक चाट का ठेला था, वहीं अब उनके पास तीन चाट के ठेले हैं।
नगर पालिका परिषद दतिया द्वारा उन्हें डे-एनयूएलएम योजना के माध्यम से फोन-पे से जोड़कर क्यूआर कोड भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे अब डिजिटल माध्यम से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। योजना से जुड़ने के बाद उनके व्यवसाय और आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वर्तमान में राधेलाल साहू अपने चाट के व्यवसाय से लगभग 18 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रहे हैं।
इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, बल्कि उनके परिवार के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है। राधेलाल साहू प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के प्रति सकारात्मक सोच रखते हैं। उनका कहना है कि इस योजना के माध्यम से अनेक गरीब परिवारों को अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने का अवसर मिला है। वे अन्य जरूरतमंद लोगों को भी योजना से जुड़कर स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने गरीबों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। राधेलाल साहू की कहानी इस बात का उदाहरण है कि उचित आर्थिक सहयोग, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ छोटा व्यवसाय भी आगे बढ़कर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का माध्यम बन सकता है। सुश्री निहारिका मीना सहायक संचालक जनसम्पर्क दतिया

