शहर के स्नेहिल नामदेव ने ट्राइबल आर्टिस्ट्स के हुनर और बाजार के बीच मौजूद गैप को कारोबार का अवसर बनाया। वर्ष 2022 में बैंबू आर्ट और ट्राइबल प्रोडक्ट्स के साथ काम शुरू किया। आज उनके प्लेटफॉर्म पीएन स्पेक्टरम सर्विसेस का सालाना रेवेन्यू 2.8 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि इस कारोबार के जरिए जबलपुर संभाग सहित प्रदेश के ट्राइबल आर्टिस्ट्स और प्रोड्यूसर्स को बाजार और रोजगार से जोड़ा गया है।

स्नेहिल बताते हैं कि उनके सामने सबसे बड़ी बात यह थी कि ट्राइबल आर्टिस्ट्स बेहतरीन और वर्ल्ड-क्लास प्रोडक्ट तैयार कर रहे थे, लेकिन उन्हें ग्लोबल मार्केट नहीं मिल पा रहा था। वहीं बिचौलियों की वजह से कई बार कलाकारों को उनके उत्पाद की सही कीमत भी नहीं मिलती थी। उन्होंने इसी गैप को पहचानकर ट्राइबल आर्टिस्ट्स के साथ काम शुरू किया।

खास बातें

  • प्रोडक्ट की बिक्री से होने वाले मुनाफे का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा उन्होंने अपने पास रखा, जबकि 70 प्रतिशत हिस्सा संबंधित ट्राइबल प्रोड्यूसर्स और कलाकारों को वापस दिया।
  • वहां उन्हें ट्राइबल आर्टिस्ट्स और ट्राइबल महिलाओं के साथ काम करने का अवसर मिला।
  • वर्ष 2025 में कंपनी ने जीएसटी और अन्य रिकॉर्ड में करीब 2.8 करोड़ रुपए का रेवेन्यू दर्ज किया।

पहले आयरन आर्ट और गोंड पेंटिंग से शुरुआत

स्नेहिल ने शुरुआत आयरन आर्ट और गोंड पेंटिंग से की। ट्राइबल आर्टिस्ट्स से प्रोडक्ट तैयार करवाए, उनकी क्वालिटी और डिजाइन में सुधार किया और फिर उन्हें अपने प्लेटफॉर्म के साथ-साथ ई कॉमर्स प्लेटफार्म पर बेचना शुरू किया।

प्रोडक्ट की बिक्री से होने वाले मुनाफे का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा उन्होंने अपने पास रखा, जबकि 70 प्रतिशत हिस्सा संबंधित ट्राइबल प्रोड्यूसर्स और कलाकारों को वापस दिया। इससे कलाकारों को बेहतर कीमत मिलने लगी और वे लगातार उनके साथ जुड़कर काम करने लगे।

स्नेहिल कहते हैं कि उनके लिए ट्राइबल आर्टिस्ट प्रोड्यूसर हैं और उनका प्लेटफॉर्म उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का माध्यम।

चार एयरपोर्ट्स को दिया ट्राइबल आर्ट का लुक

स्नेहिल और उनकी टीम ने ट्राइबल कलाकारों के साथ मिलकर चार एयरपोर्ट्स पर आर्टवर्क किया है। इनमें जबलपुर एयरपोर्ट के अलावा महाराष्ट्र के पुणे, कोल्हापुर और सोलापुर एयरपोर्ट शामिल हैं।

जबलपुर एयरपोर्ट पर दिखाई देने वाला आर्टवर्क भी उनकी टीम ने ट्राइबल कलाकारों को साथ लेकर तैयार किया है। इस काम के जरिए स्थानीय कलाकारों की कला को बड़े सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचाने का अवसर मिला।

छह साल एनजीओ में काम किया, वहीं से मिला आइडिया

स्नेहिल ने करीब छह साल तक अंतरराष्ट्रीय एनजीओ प्रधान में काम किया। वहां उन्हें ट्राइबल आर्टिस्ट्स और ट्राइबल महिलाओं के साथ काम करने का अवसर मिला। इसी दौरान उन्होंने देखा कि कलाकारों के पास हुनर और अच्छे प्रोडक्ट तो हैं, लेकिन बाजार तक उनकी पहुंच सीमित है।

यहीं से उन्हें कारोबार का आइडिया मिला। उन्होंने नौकरी के दौरान मिली सीख और अनुभव को आधार बनाकर ट्राइबल उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का काम शुरू किया।

ऑनलाइन के साथ वेंडर्स के जरिए भी बिक्री

पीएन स्पेक्टरम सर्विस के उत्पाद ऑनलाइन बेचे जाते हैं। इसके अलावा कुछ वेंडर्स को भी प्रोडक्ट दिए जाते हैं, जो उन्हें अपनी ब्रांडिंग के साथ बाजार में बेचते हैं। जबलपुर में दमोह नाका में उनका आर्ट मटेरियल स्टोर और शिवनगर में ऑफिस है।

पिछले वित्त वर्ष में 2.8 करोड़ का राजस्व दर्ज किया -

वर्ष 2025 में कंपनी ने जीएसटी और अन्य रिकॉर्ड में करीब 2.8 करोड़ रुपए का रेवेन्यू दर्ज किया। स्नेहिल का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल अपना कारोबार बढ़ाना नहीं, बल्कि ट्राइबल कलाकारों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराना है।