मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत बरगी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चरगवां में उद्यम संवाद एवं जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री नीरज सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकिरण गोस्वामी, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गहलोत, अपर कलेक्टर नीता राठौर, एसडीएम अभिषेक सिंह, तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती रागिनी अजय पटेल तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सफल उद्यमियों, महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, किसानों, युवाओं और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं और प्रशिक्षण का लाभ लेकर उन्होंने स्वरोजगार एवं आजीविका के क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार किए हैं।
खास बातें
- किसान एवं मोटे अनाज के क्षेत्र में कार्य कर रहे पूरनलाल सैय्याम ने बताया कि वे वर्ष 2013-14 से मोटे अनाज के संरक्षण और उत्पादन के लिए कार्य कर रहे हैं।
- कृषि विभाग की आत्मा परियोजना से जुड़ने के बाद उन्हें नवाचार के लिए 50 हजार रुपये की सहायता मिली, जिसका उपयोग बीज संरक्षण एवं भंडारण के लिए किया गया।
- एक हितग्राही ने बताया कि उन्हें लघु वनोपज ऋण के अंतर्गत 8 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया और चार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया।
जबलपुर सीमेंट इंडस्ट्री के एचआर एवं लीगल विभाग से जुड़े अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि संस्थान द्वारा स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ आसपास के क्षेत्रों में सीएसआर गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान में करीब 450 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें लगभग 70 से 75 स्थानीय कर्मचारी हैं। कर्मचारियों को पीएफ, ईएसआईसी, चिकित्सा सुविधा एवं श्रम विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार वेतन दिया जा रहा है।
आरके स्टोन क्रिएटर के अनिरुद्ध कसाना ने बताया कि उनके दो प्लांट में मुख्य रूप से स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। संस्थान में गिट्टी और एम-सैंड का उत्पादन किया जाता है तथा एम-सैंड के लिए अलग प्लांट भी संचालित है।
किसान एवं मोटे अनाज के क्षेत्र में कार्य कर रहे पूरनलाल सैय्याम ने बताया कि वे वर्ष 2013-14 से मोटे अनाज के संरक्षण और उत्पादन के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लगभग 25 किसानों के साथ मिलकर कोदो, कुटकी, सामा और रागी जैसे पारंपरिक बीजों के संरक्षण का कार्य शुरू किया। कृषि विभाग की आत्मा परियोजना से जुड़ने के बाद उन्हें नवाचार के लिए 50 हजार रुपये की सहायता मिली, जिसका उपयोग बीज संरक्षण एवं भंडारण के लिए किया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 250 किसानों का समूह जैविक खेती एवं जैविक आदानों के निर्माण से जुड़ा है।
एक हितग्राही ने बताया कि उन्हें लघु वनोपज ऋण के अंतर्गत 8 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया और चार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया। उन्होंने बताया कि व्यवसाय अच्छी तरह संचालित हो रहा है और ऋण की अदायगी भी नियमित रूप से की जा रही है।
गोकलपुर निवासी श्रीमती सपना काछी ने बताया कि वे वर्ष 2018 में आजीविका मिशन से स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। इसके बाद उन्होंने महिलाओं को समूहों से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने सिलाई सहित विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त किए तथा कृषि विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण के लिए बाहर जाने का अवसर भी मिला। वर्ष 2023 में उन्होंने ड्रोन प्रशिक्षण प्राप्त किया और ड्रोन के माध्यम से कृषि कार्य किया।
उन्होंने बताया कि पिछले छह माह में करीब 570 हेक्टेयर क्षेत्र में कार्य कर 4.70 लाख रुपये की आय अर्जित की। वर्ष 2024-25 में कृषि सीआरपी के रूप में 125 किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा और किसानों को जैविक आदान एवं प्राकृतिक खेती की तैयारियों के संबंध में सहयोग दिया।
श्रीमती गंगोत्री झारिया ने बताया कि वे बहोरीपार क्षेत्र में महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने 22 महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से करीब 350 महिलाओं को जोड़ा। उन्होंने महिलाओं को प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से प्राकृतिक खेती के लिए उपयोगी जैविक दवाइयां तैयार कर किसानों तक पहुंचाने का कार्य भी कर रही हैं।
दसवीं कक्षा के छात्रा सुश्री लकी यादव ने बताया कि उन्होंने बेसबॉल में संभाग से राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिनिधित्व किया। वे हाल ही में नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर की बेसबॉल प्रतियोगिता में शामिल हुए। उन्होंने परिवार, शिक्षकों एवं प्रशिक्षक के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए जबलपुर में बेसबॉल के लिए अलग मैदान उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।
बैंक सखी श्रीमती सीता गढ़ ने बताया कि वे स्वयं सहायता समूहों को बैंक से ऋण एवं वित्तीय सहायता दिलाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने करीब 205 स्व-सहायता समूहों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने में सहयोग किया। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि ऋण का उपयोग आय बढ़ाने वाली गतिविधियों में करें और समय पर ऋण की अदायगी करें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री नीरज सिंह ने कहा कि उद्यम संवाद में सफल लोगों की कहानियां दूसरे लोगों को प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण एवं सहायता उपलब्ध करा रही है। प्रत्येक व्यक्ति के अंदर कोई न कोई हुनर होता है, इसलिए कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सरकार के साथ उद्योग जगत और समाज की सहभागिता से भी ग्रामीण क्षेत्रों का विकास किया जा सकता है। उन्होंने क्षेत्र में सीएसआर के माध्यम से किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे उद्योगों और जरूरतमंद लोगों के बीच सेतु के रूप में कार्य कर रहे हैं।
विधायक श्री सिंह ने ग्राम पंचायत द्वारा पौधरोपण एवं पौधों के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के साथ उनका संरक्षण और निगरानी भी आवश्यक है। उन्होंने ग्राम पंचायत द्वारा स्वयं के संसाधनों से सामुदायिक भवन तैयार करने की भी सराहना की।
कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत शासन की सेवाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण करने के साथ ही ग्रामीणों से सीधा संवाद किया जा रहा है। विद्यालय, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सालय और राशन दुकान सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं की स्थिति का निरीक्षण कर कमियों को दूर करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उद्यम संवाद के माध्यम से अपने बीच से सफल लोगों की कहानियां सामने आती हैं, जिससे अन्य लोगों को भी स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरणा मिलती है।
कलेक्टर श्री सिंह ने किसानों से कहा कि उपार्जन के लिए फार्मर रजिस्ट्री में अपने सभी खसरों की जानकारी दर्ज कराना आवश्यक है। जिन किसानों के पास एक से अधिक खसरे हैं, वे अपने सभी खसरे फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज कराएं और इसके लिए संबंधित पटवारी से संपर्क करें, ताकि उपार्जन के समय किसी प्रकार की समस्या न हो।
उन्होंने बताया कि स्वामित्व के अंतर्गत प्राप्त अधिकार पत्रों के पंजीयन की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। हितग्राही अपनी ई-केवाईसी एवं फार्मर आईडी से संबंधित प्रक्रिया पूर्ण करें। स्वामित्व अधिकार के पंजीयन के बाद संबंधित संपत्ति के आधार पर ऋण प्राप्त कर व्यवसाय, कृषि सहित अन्य कार्य किए जा सकेंगे।
कलेक्टर श्री सिंह ने महिलाओं एवं युवाओं से स्वरोजगार एवं आजीविका योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऋण लेकर छोटे व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं और समय पर ऋण की अदायगी करने से आगे अधिक राशि का ऋण प्राप्त करने की पात्रता बनती है।
जन संवाद में ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं
जन संवाद के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याएं जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के समक्ष रखीं। ग्रामीणों ने भवन को पूर्ण कराने सहित अन्य समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया। इस पर अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
हितग्राहियों को वितरित किए स्वीकृति पत्र एवं पोषण किट
कार्यक्रम में कलीराम एवं अर्जुन प्रसाद को कृषि विभाग की ओर से नलकूप खनन के स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। वहीं विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अन्य हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों के आर्थिक सहयोग से बच्चों के लिए पोषण आहार वितरण की अभिनव पहल भी की गई। इसके साथ ही सामुदायिक भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने वाले ग्रामीण श्री दुलीचंद विश्वकर्मा को सम्मानित किया। कार्यक्रम के बाद जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने ग्राम पंचायत चरगवां के सामुदायिक भवन परिसर में पौधारोपण भी किया।





