शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनके सम्मान एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देने हेतु आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़ा जा रहा है।

ऐसी ही एक कहानी ग्राम सांईखेड़ा खुर्द की दीदी श्रीमती पिंकी जामुंदे की है, पिंकी दीदी ओम सांईराम स्व-सहायता समूह से जुड़ी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि, मैंने, गृहिणी से आत्मनिर्भरता का सफर तय किया है। आज वे गांव की अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ाने में सहयोग कर रही हैं। पिंकी दीदी कहती है कि समूह से जुड़ने के बाद सीएससी आईडी के माध्यम से उन्होंने अपनी सेवाएं दी।

इसके साथ ही वे बैंक सखी के रूप में भी कार्य कर रही हैं। बैंक सखी के रूप में वे ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करती हैं। पिंकी दीदी समूह की अन्य महिलाओं को लोन की प्रक्रिया में भी सहायता करती हैं। साथ ही महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्योग से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।

इस प्रकार समूह से जुड़ने के बाद मिली नई पहचान से पिंकी दीदी के जीवन में बदलाव तो आया ही है, साथ ही वे अन्य महिलाओं के लिये भी प्रगति का मार्ग बना रही है। पिंकी दीदी बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें नई-नई गतिविधियों से जुड़ने और अपनी क्षमताओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।

पिंकी दीदी ने महिलाओं को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने हेतु शासन-प्रशासन का धन्यवाद दिया है।