कटनी (28 सितंबर) - शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस प्रत्येक वर्ष 24 सितंबर को मनाया जाता है। इसी क्रम में महाविद्यालय में स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन 28 सितंबर को प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. शिल्पी सिंह के संयोजन में उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन के साथ हुआ। इसके पश्चात छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में छात्राओं ने विभिन्न रंगारंग एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्राओं ने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता एवं सेवा भावना का सुंदर संदेश दिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सेवा भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सामुदायिक सहभागिता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने छात्राओं को समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने तथा जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. शिल्पी सिंह ने छात्राओं को एनएसएस की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से सहभागिता करने तथा समाज एवं राष्ट्रहित में रचनात्मक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों को सेवा कार्यों के माध्यम से समाज से जोड़ने और उनमें सामाजिक चेतना विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्राओं ने सेवा, सहयोग, राष्ट्रप्रेम एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, उमंग एवं सेवा भावना से परिपूर्ण रहा। कार्यक्रम ने छात्राओं को राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों से जुड़ने तथा समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।


