कटनी (21 सितंबर)- कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के नेतृत्व में जिले में पोषण को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निर्धारित थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” को दृष्टिगत रखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।सभी 1713 आंगनवाड़ी केंद्रों में हुई मातृ सहयोगिनी समितियों की बैठक सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही को प्रोत्साहित करने के लिए जिले के सभी 1713 आंगनवाड़ी केंद्रों में मातृ सहयोगिनी समितियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति सदस्यों को आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा आईसीडीएस की विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी गई। स्थानीय नागरिकों को भी अपने निकटतम आंगनवाड़ी केंद्रों में आमंत्रित किया गया। इस दौरान केंद्रों पर प्रदाय किए जा रहे गर्म पके भोजन की सेवा एवं उसकी गुणवत्ता का परीक्षण भी कराया गया, ताकि सामुदायिक स्तर पर आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी और सहभागिता को बढ़ावा मिल सके।पोषण चार्ट और क्विज से बढ़ाई जागरूकता 03 से 06 वर्ष के बच्चों की माताओं सहित विद्यालय एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए पोषण चार्ट का प्रदर्शन एवं पोषण क्विज का आयोजन किया गया। गतिविधियों के माध्यम से संतुलित आहार, पोषण एवं बच्चों के समुचित विकास के प्रति जागरूक किया गया।गृह भेंट कर बच्चों के समग्र विकास का दिया संदेश आंगनवाड़ी पर्यवेक्षकों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के घरों में गृह भेंट कर परिजनों को बच्चों के बेहतर वृद्धि एवं विकास के लिए नियमित रूप से समय देने के लिए प्रेरित किया गया। परिजनों को प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट केवल बच्चे से बात करने, खेलने, कहानी सुनाने एवं गीत गाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान परिवारों को बच्चों के साथ संवाद और खेल के माध्यम से उनके मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास को बेहतर बनाने का संदेश दिया गया।“पंचवटी से पोषण” के तहत फलदार पौधे लगाने का आग्रह गृह भेंट के दौरान परिवारों को “पंचवटी से पोषण” की अवधारणा से भी जोड़ा गया। परिवारों को अपने घरों में आंवला, नींबू, अमरूद आदि पौधों का रोपण करने तथा इनके फलों को आहार में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस पहल के माध्यम से परिवार स्तर पर पोषण सुरक्षा को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।



